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सेनीटाइजर का उपयोग कैसे करें?

कोरोना काल में सैनिटाइजर की मांग काफी बढ़ गई है। लोग सुबह से लेकर शाम तक कई दफा हाथों को सैनिटाइज कर रहे हैं। हालांकि, इसके ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा संबंधी रोग की शिकायतें भी सुनने को मिल रही हैं।

सीनियर फिजिशियन डॉक्टर गुंजन किशोर शर्मा ने बताया कि बाजार में दो तरह के सैनिटाइजर उपलब्ध हैं। हाथ साफ करने के लिए अल्कोहॉल युक्त सैनिटाइजर और घर, कार आदि के लिए ब्लीच युक्त सैनिटाइजर का उपयोग करना चाहिए। हालांकि, अधिकतर लोगों को सैनिटाइजर का फर्क नहीं पता होता। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एलर्जी वालों को सैनिटाइजर के उपयोग से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ग्लब्स पहनकर सैनिटाइजर लगाया जा सकता है। कई लोगों को सैनिटाइजर के फर्क की जानकारी नहीं होती। ऐसे में ब्लीच युक्त सैनिटाइजर का हाथों पर इस्तेमाल करते हैं। इससे त्वचा संबंधी रोग होते हैं। हाथों के लिए हमेशा अल्कोहॉल युक्त सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। इनमें अल्कोहॉल की मात्र 60 से लेकर 95 फीसद तक होना चाहिए।

एलर्जी में न करें सैनिटाइजर का उपयोग : एजर्ली दो तरह की होती है। एक्यूट व क्रोनिक एलर्जी। एक्यूट एलर्जी में सैनिटाइजर लगाते ही त्वचा संबंधी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। क्रोनिक एलर्जी में सैनिटाइजर लगाने के 10 से 15 दिन में समस्या उत्पन्न होने लगती है। ऐसे में सैनिटाइजर के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हाथ साफ करने के लिए साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ग्लब्स पहनकर सैनिटाइजर लगाया जा सकता है।

30 मिनट तक रहता है सैनिटाइजर का प्रभाव : हाथों में सैनिटाइजर का प्रभाव 20 से 30 मिनट तक रहता है। ऐसे में बार-बार सैनिटाइज न करें। हाथों में सैनिटाइजर लगाया है तो खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से धो लें। अल्कोहॉल होने के चलते सैनिटाजइर हाथों की नमी सोख लेता है। ऐसे में हाथों पर तेल या मॉस्चराइजर लगाते रहना चाहिए।

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